Saturday, March 29, 2008

" बस यूही"

अपनी अपनी सवारी है जी,


कापी करते समय पोछ कर ही डाटा कम्पयूटर मे डाले इससे कोई गंदगी आपके कमप्य़ूटर मे नही आ सकेगी..



हम है काकेश जी के सुरक्षा दस्ते. हम से जरा बच कर ही रहना.


मुझ से


मुझ से


और मेरे से तो खास.

पंगा मेरे से भी पडता है महंगा.



ज्यादा नुक्ता चीनी नही..चुपचाप निकल ले..


आखे फ़ाड फ़ाड कर मत देख, चौखेर बाली पढा नही क्या..?


अलार्म प्रयोग का सही तरीका यही है.

बिगडने की भी कोई उम्र है ..जब फ़ुरसत मे हो बिगड लो..


चलता है क्या फ़िलिम देखने...


हे भगवान कहा फ़स गया मै ..? दो गधो,नही नही आदमियो की लडाई मे..



है कोई जो हमसे अच्छा पेंट कर सके


अपना अपना स्टाईल..



मेरा भी तेल का कुआ है कुवैत मे ,नही यकीन तो जीतू भाई से पूछ लो..


खेल जरूर खेले पर नाडा कसना मत भूले..



देखा ना आप अपने ही नही दूसरे के लिये भी पंगा खडा कर सकते है,अगर नाडा ढंग से नही बांधा



ताले का सही इस्तेमाल ..( मर्जी आपकी चाहे तो अक्ल पर भी लगा ले )


हमे बोर्ड लगाना था लगा दिया,अब आपकी मर्जी किधर जाये..

Thursday, March 27, 2008

"लो जी हो गये हम प्रसिद्ध" वेब दुनिया ने भी माना

आज हम ये देख कर अचंभित रह गये कि वेब दुनिया ने हमे टाप का हिन्दी ब्लोगर मान ही लिया.अब आप भी मान ही लीजीये ,क्या कहा जी यकीन नही आता तो जनाब ये लीजीये "हाथ कंगन को आरसी क्या ,पढे लिखे को फ़ारसी क्या" नीचे दिये गये चित्र को देख कर तो मानेगे ना ? अब जरा सा क्लिकियाईये,तो ये बडा होकर आपको दिखाई देने लगेगा ,
बस जरा जेब से चश्मा निकालिये रुमाल से पोछिये और खुद ही देख लीजीये जी, अब तो मानेगे ना ,



अब थोडा सा कष्ट और उठाये जी ,जरा सा हमे भी च्यूटी काट दे,ताकी हम भी भरोसा कर सके की हम सपना नही देख रहे है..

Monday, March 24, 2008

"हैंगिंग डे"





आज २३ मार्च है,शायद आपमे से किसी को याद हो कि आज के दिन हमारे आज के लिये अपना कल देने बाले तीन बाके रण बाकुरे दिवाने हसते गाते फ़ांसी पर चढ गये थे,उस वक्त ये जरूर कहा जाता था "शहीदो की मजारो पर लगेगे हर बरस मेले"

वतन पर मरने वालो का यही बाकी निंशा होगा"

पर आज तो बस यही सही है

’आओ इन दीवानो की मजारो को उखाड फ़ेके

वतन को लूट कर खाते तो बात कुछ और होती

वतन पर मरने वालो का नही बाकी निशा होगा"

हमारी सरकारो की भी यही कोशिश रही है इन गुजरो सालो मे कि लोग इन्हे शहीदो की गिनती मे ना ले तभी तो हर दो चार सालो मे वाम पंथी लेखक इन्हे आतंकवादियो के नाम से इतिहास की किताबो मे इन्हे पढाने की कोशिश करते दिखाई देते है.


वैसे भी अब हम ग्लोबल हो रहे है सारे त्योहार हम वही मनाते है जो ग्लोबल हो,अब जल्द ही उम्मीद कीजीये कि यह दिन भी हम हैंगिंग डॆ के नाम से मनायेगे,जब माल्स को इस दिन विषेश रूप से सजाये जायेगे चैनल वाले दिन भर इसी के गाने गायेगे, दिन भर लाईव प्रसारण मे पूरे देश को बताया जायेगा कि लोग कितना खुश होकर हैंगिंग डे मना रहे है ,लडके अपनी प्रेमिकाओ को फ़ासी पर लटकी तीन मूर्तियो को उपहार मे देकर बता रहे है कि तुम्हे मेरे अलावा छेडने बाले को मै भी ऐसे ही लटका दूंगा.लोग आपको एस एम एस भेजेगे हैप्पी हैंगिग डे के. हमारे नेता लोग इस दिन देश को बधाई देगे और बतायेगे कि आज के दिन अग्रेजो ने आतंकवादियो को हैंग किया था.जगह जगह फ़ासी के छोटे छोटे फ़ंदे और तीन मूर्तिया (चीन से आयात की हुई) बिकती दिखाई देगी जिन्हे आप दिन भर गाडियो मे आगे लटकायेगे और शाम को कही भी सडक पर एक देगे.उन की अस्थिया भी ऐसे ही फ़ेकी गई थी ना..? उस की याद मे ..

चिठ्ठा इतिहास