Monday, March 24, 2008

"हैंगिंग डे"





आज २३ मार्च है,शायद आपमे से किसी को याद हो कि आज के दिन हमारे आज के लिये अपना कल देने बाले तीन बाके रण बाकुरे दिवाने हसते गाते फ़ांसी पर चढ गये थे,उस वक्त ये जरूर कहा जाता था "शहीदो की मजारो पर लगेगे हर बरस मेले"

वतन पर मरने वालो का यही बाकी निंशा होगा"

पर आज तो बस यही सही है

’आओ इन दीवानो की मजारो को उखाड फ़ेके

वतन को लूट कर खाते तो बात कुछ और होती

वतन पर मरने वालो का नही बाकी निशा होगा"

हमारी सरकारो की भी यही कोशिश रही है इन गुजरो सालो मे कि लोग इन्हे शहीदो की गिनती मे ना ले तभी तो हर दो चार सालो मे वाम पंथी लेखक इन्हे आतंकवादियो के नाम से इतिहास की किताबो मे इन्हे पढाने की कोशिश करते दिखाई देते है.


वैसे भी अब हम ग्लोबल हो रहे है सारे त्योहार हम वही मनाते है जो ग्लोबल हो,अब जल्द ही उम्मीद कीजीये कि यह दिन भी हम हैंगिंग डॆ के नाम से मनायेगे,जब माल्स को इस दिन विषेश रूप से सजाये जायेगे चैनल वाले दिन भर इसी के गाने गायेगे, दिन भर लाईव प्रसारण मे पूरे देश को बताया जायेगा कि लोग कितना खुश होकर हैंगिंग डे मना रहे है ,लडके अपनी प्रेमिकाओ को फ़ासी पर लटकी तीन मूर्तियो को उपहार मे देकर बता रहे है कि तुम्हे मेरे अलावा छेडने बाले को मै भी ऐसे ही लटका दूंगा.लोग आपको एस एम एस भेजेगे हैप्पी हैंगिग डे के. हमारे नेता लोग इस दिन देश को बधाई देगे और बतायेगे कि आज के दिन अग्रेजो ने आतंकवादियो को हैंग किया था.जगह जगह फ़ासी के छोटे छोटे फ़ंदे और तीन मूर्तिया (चीन से आयात की हुई) बिकती दिखाई देगी जिन्हे आप दिन भर गाडियो मे आगे लटकायेगे और शाम को कही भी सडक पर एक देगे.उन की अस्थिया भी ऐसे ही फ़ेकी गई थी ना..? उस की याद मे ..

5 लोगों की राय:

Sanjay Sharma said...

ज़माने को मुठ्ठी मे बंद कर ली आपने ! धन्यवाद !

संजय बेंगाणी said...

साधूवाद...

Udan Tashtari said...

’आओ इन दीवानो की मजारो को उखाड फ़ेके
वतन को लूट कर खाते तो बात कुछ और होती
वतन पर मरने वालो का नही बाकी निशा होगा"

क्या बात कही है!!

भुवनेश शर्मा said...

मूड खराब हो गया......

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

बहुत खूब...

चिठ्ठा इतिहास