Friday, March 21, 2008

प्रसिद्ध कैसे हो"की तकलीफ़देह पडताल और समीर भाई का छक्का

आपने वो कहावत तो सुनी होगी "गुरू गुड ही रहे और चेला चीनी हो गया" हम यहा प्रसिद्ध कैसे हो की जांच पडताल मे उलझे रहे और समीर भाइ ने तडाक से पढा फ़टाक से बंदा पटाया और चटाक से छप गये,छपे वो भी किसी टुच्चे मुच्चे अखबार मे नही,जनसत्ता मे वो भी एक आधी लाईन घेर कर ही संतोष नही कर लिया ,पूरे छपे जी अपने साईज के हिसाब से .अब हम तो जल भुन रहे है ही ,लीजीये आप भी देखिये और जल कर खाक होने से पहले ही दौड लगाईये पटाईये किसी को..हम भी चले जी क्या पता कोई अखबार नवीस हमे भी होली के मूड मे फ़स ही जाये..होली का दिन है जाने से पहले अंटा लगाना मत भूलना ,और तो और यहा पर समीर भाइ की फ़ोटो भी बडी शानदार आई है जी ,




14 लोगों की राय:

Shiv Kumar Mishra said...

समीर भाई के हाथ में जन ने सत्ता दे दी है....बधाई, समीर भाई..

समीर भाई की फोटो तो वाकई अलग लग रही है. अलग लग रही है? पता नहीं, मुझे लग रहा है मुझे भांग का नशा चढ़ चुका है. शायद इसीलिए फोटो कुछ अलग दिखाई दे रही है.....:-)

उन्मुक्त said...

समीर जी पर यह लेख के बारे में बताने के लिये शुक्रिया।

Sanjeet Tripathi said...

बहुत बढ़िया!!

राज भाटिय़ा said...

बडिया हे समीर भाई भी गोरे गोरे नजर आ रहे हे, लम्बे बालो मे, अभी चश्मा लगा के देखता हु,आपको भी होली की शुभकामनाएं !!

Aflatoon said...

समीर लाल और अविनाश को बधाई ।

अनूप शुक्ल said...

ये वाले समीर लाल तो पहले ही पट गये अविनाश से।अब किसी दूसरे वाले को पटाओ जी।

Ghost Buster said...

तभी हम कहें दो हफ्ते होने आए, समीर जी ने नयी पोस्ट कैसे नहीं ठेली. अब पता चल कहाँ व्यस्त थे.

परमजीत बाली said...

समीर जी के बारे में अच्छी खबर दी।आभार।

PD said...

बढिया है जी.. पर आप हमें जला नहीं सकते.. हम कोई होलिका हैं क्या??
चलिये आप सभी को होली की ढेर सारी सुभकामनाऐं.. :)

Gyandutt Pandey said...

सुन्दर। बधाई आपको और समीर जी को।

vijay gaur said...

mai bhi jansatta pad kar hi aap tak pahunchaa hoon bhai. bhadai. majedar hai aapki pangebaji

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

भैया जी ,आज फोटो देखी तो पता चला कि समीर भाई क्यों इतने पापुलर हैं.

बल्कि हमें तो अफ्सोस हो रहा है कि अब तक मिले क्यों नही ?

पंगेबाज से पंगा ...? गुरु कुछ तो है जो छिपा रहे हो ?

( मैं भी कहां छोडने वाला हहूं ?, कल देखना ...)

Kazilar said...

See here or here

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

काला टीका लगा लीजिये किसी की नज़र न लग जाए

चिठ्ठा इतिहास