आपने वो कहावत तो सुनी होगी "गुरू गुड ही रहे और चेला चीनी हो गया" हम यहा प्रसिद्ध कैसे हो की जांच पडताल मे उलझे रहे और समीर भाइ ने तडाक से पढा फ़टाक से बंदा पटाया और चटाक से छप गये,छपे वो भी किसी टुच्चे मुच्चे अखबार मे नही,जनसत्ता मे वो भी एक आधी लाईन घेर कर ही संतोष नही कर लिया ,पूरे छपे जी अपने साईज के हिसाब से .अब हम तो जल भुन रहे है ही ,लीजीये आप भी देखिये और जल कर खाक होने से पहले ही दौड लगाईये पटाईये किसी को..हम भी चले जी क्या पता कोई अखबार नवीस हमे भी होली के मूड मे फ़स ही जाये..होली का दिन है जाने से पहले अंटा लगाना मत भूलना ,और तो और यहा पर समीर भाइ की फ़ोटो भी बडी शानदार आई है जी ,

Friday, March 21, 2008
प्रसिद्ध कैसे हो"की तकलीफ़देह पडताल और समीर भाई का छक्का
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14 लोगों की राय:
समीर भाई के हाथ में जन ने सत्ता दे दी है....बधाई, समीर भाई..
समीर भाई की फोटो तो वाकई अलग लग रही है. अलग लग रही है? पता नहीं, मुझे लग रहा है मुझे भांग का नशा चढ़ चुका है. शायद इसीलिए फोटो कुछ अलग दिखाई दे रही है.....:-)
समीर जी पर यह लेख के बारे में बताने के लिये शुक्रिया।
बहुत बढ़िया!!
बडिया हे समीर भाई भी गोरे गोरे नजर आ रहे हे, लम्बे बालो मे, अभी चश्मा लगा के देखता हु,आपको भी होली की शुभकामनाएं !!
समीर लाल और अविनाश को बधाई ।
ये वाले समीर लाल तो पहले ही पट गये अविनाश से।अब किसी दूसरे वाले को पटाओ जी।
तभी हम कहें दो हफ्ते होने आए, समीर जी ने नयी पोस्ट कैसे नहीं ठेली. अब पता चल कहाँ व्यस्त थे.
समीर जी के बारे में अच्छी खबर दी।आभार।
बढिया है जी.. पर आप हमें जला नहीं सकते.. हम कोई होलिका हैं क्या??
चलिये आप सभी को होली की ढेर सारी सुभकामनाऐं.. :)
सुन्दर। बधाई आपको और समीर जी को।
mai bhi jansatta pad kar hi aap tak pahunchaa hoon bhai. bhadai. majedar hai aapki pangebaji
भैया जी ,आज फोटो देखी तो पता चला कि समीर भाई क्यों इतने पापुलर हैं.
बल्कि हमें तो अफ्सोस हो रहा है कि अब तक मिले क्यों नही ?
पंगेबाज से पंगा ...? गुरु कुछ तो है जो छिपा रहे हो ?
( मैं भी कहां छोडने वाला हहूं ?, कल देखना ...)
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काला टीका लगा लीजिये किसी की नज़र न लग जाए
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