Monday, January 7, 2008

"नेट पर पंगा नाले"



ये गाडी डिजाईन की गई है दिल्ली की भीड भरी सडको पर चलने के लिये ताकी आप देख सके कि जाम क्यो है..?
अपनी मौजूदा गाडी मे बदलाव करने के लिये मात्र एक लाख के डी डी के साथ गाडी हमे भेजे..पहले पाच आने वालो के लिये एक वाईनाकुलर फ़्री...



इस पारीवा्रिक कुर्सी की कीमत है मात्र १०००० रुपये..खरिदिये और परिवार मे प्रेम बढाईये..पहले १० खरीदारो को पढने के लिये चार पुरानी किताबे मुफ़्त...



हर समय डराता रहता था..अब डरा..



माफ़ करना मै जरा सी चाय पीलू..बस चाय खतम और मै मिटिंग मे...




वाह ये है नई तकनालोजी...अभी ट्राई करती हू बहुत तंग कर चुके...




11 लोगों की राय:

अरुण said...

संजय बेंगाणी said...
अंतिम फोटो मजेदार है, प्रतिक्षा कर रहा हूँ, कब हथोड़ा पड़ता है... :)

अरुण said...

संजय जी माफ़ी चाहता हू हथोडा पडने से पहले ही गलती से छप गया था और मुझे कही अचानक बाहर जाना पड गया था...लीजीये अब पेश है हथोडा कैसे और कहा पडा..अब तुरंत फ़ोटो हटा दीजीयेगा मेल आई डी से..:)

mamta said...

जबरदस्त ऑफर दिए है आपने तो।

बेचारा !!

शास्त्री जे सी फिलिप् said...

न तो पाठक को, न 'उसे', अनुमान था कि हथौडा कहां पडने वाला है !!

maithily said...

जबर्दस्त

Mired Mirage said...

आप एक बार फिर जबर्दस्त फोटो खजाना लाए हैं !
घुघूती बासूती

संजय बेंगाणी said...

नहीं.......हीं......

हथौड़ेवाली (बहनजी अफकॉर्श) से बचाओ...

Sanjeet Tripathi said...

धांसू!!

Suresh Chiplunkar said...

अरुण जी अब आप फ़ोटो ब्लॉगर बन गये हैं,
चित्र वाली कुर्सी गाँधी परिवार को भिजवा दें… प्रियंका के बच्चों के काम आयेगी… :)

अविनाश वाचस्पति said...

एक कुर्सी नैनोकार में अवश्य करवा दें फिट
नैनो को नहीं रोक सकता कोई होने दें हिट.

कीर्तीश भट्ट को कहें अपने कारटूनों एक और जोड लें.

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

जबरदस्त...अब पंगा नही लेंगे..

चिठ्ठा इतिहास