Thursday, December 20, 2007

"ऐसे बचाये लादेन से अपनी इमारत को"

लाईन मत पार करना,वरना मुझे गुस्सा आ जायेगा..


अरे कैसे नही सुनोगे मेरा नया पोडकास्ट है ...



ऐसे बनाये इमारतो को ऐसी तैसी लादेन की... कम से कम तीस सेंकेंड ध्यान दे..
Photobucket
मेरी गाडी और चोर चुराले...?



मुझे लोहा पसंद नही जी...



अरे छोड दे भाई कहा ना नही चाहिये लिफ़्ट..



क्यू मै क्या कही घूमने नही जा सकता...?





गया जी राकेटो का जमाना ,अब तो हमने चांद तक पटरी बिछा दी है..

11 लोगों की राय:

ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandey said...

बस यह ब्लॉग अल-कायदा वाले न पढ़लें। नहीं तो कोई नयी तकनीक आजमाने लगेंगे - गाइडेड मिसाइल जैसा प्लेन या और कुछ। :-)

Sanjeet Tripathi said...

एक से एक!!
शानदार!! वाकई में पंगेबाजी वाला दिमाग लगाया है आज तो आपने

Mired Mirage said...

हे हे हे, मजा आ गया !
घुघूती बासूती

कीर्तिश भट्ट said...

मजेदार है :)

ALOK PURANIK said...

तुस्सी छा गये जी।
हर बाल पर छक्का है जी।

बाल किशन said...

जबरदस्त पंगेबाजी है.
आप तो छा गए हो जी.
देख-पढ़कर आनंद की प्राप्ति हुई है.
आपको धन्यवाद.

Shiv Kumar Mishra said...

अच्छी जुगत है जी लादेन से पंगा लेकर बचने की....बहुत मस्त..ज़बरदस्त.

उन्मुक्त said...

:-) :-)

संजय बेंगाणी said...

खेल बिगाड़ दिया, लादेन खोज रहा है, घर से बच कर निकलें :)

अविनाश वाचस्पति said...

यह पंगा नहीं रचना है
इस ऊर्जा को नई दें
दिशा, हो सबका जिससे
भला, मिले अगला
गुने पगला, लगे जंगला
तो भी झांक लें।

अभय तिवारी said...

मस्त!

चिठ्ठा इतिहास