Monday, December 17, 2007

"पेड उगाये पर कुछ हटकर"

यहा आज हम आपको डिजाईनर पेड उगाने के बारे मे बतायेगे नही दिखायेगे बतायेगे तो तब जब आप जानना चाहेगे..
वैसे हमे उम्मीद है आज जब जहा मे लोग अपनी अगली पीढी को भी विशेषज्ञो से डिजाईन करवाने की कोशिश मे लगे है..तब हम और आप कम से कम पेड ही डिजाईन कर समय के साथ प्रगती की बयारो का मजा तो ले ही सकते है...







9 लोगों की राय:

ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandey said...

ये तो सारे वृक्ष हमारी समझ से पंगे लेते प्रतीत होते हैं। मजे की बात है कि ट्रिक फोटोग्राफी भी नहीं लगती!

Mired Mirage said...

वाह !
घुघूती बासूती

अनिल रघुराज said...

अगर वाकई ये प्राकृतिक हैं तो कमाल है। क्या शानदार डिजाइन है इनमें...

parul k said...

azab v gazab..thx fr sharing

संजय बेंगाणी said...

अजी ये प्राकृतिक नहीं है, मानव द्वारा प्राकृतिक विकास में टाँग घूसेड़ कर बनाया है.

क्या खुराफाती दिमाग होगा, बनाने वाले का :)

SHUAIB said...

BAHUT KHOOB,
MAGAR AISA LAGTA HAI JAISE HAATH SE TARASHA HO :)

SHUAIB

http://shuaib.in/chittha

Sanjeet Tripathi said...

वाह!!

प्राकृतिक या मानव निर्मित होने की बात तो बाद में आती है पहले तो देखकर मुंह से वाह ही निकलेगा!!

सुंदरता चाहे प्राकृतिक हो या मानव निर्मित,उसकी खूबी इसी में है कि वह आपको तारीफ करने के लिए मजबूर कर दे। उसके बाद ही आपका दिमाग क्रियाशील हो कर उसके प्राकृतिक या मानव निर्मित होने पर सवाल खड़ा करेगा।

ALOK PURANIK said...

पंगेबाजजी भारी कलाकारी दिखायी है।
लगे रहिये।

rajivtaneja said...

वाह!...देखते ही पहला शब्द मुँह से यही निकला...

चिठ्ठा इतिहास