Thursday, December 13, 2007

सरकारी श्रद्धांजली और १३ दिसंबर



आज १३ दिसंबर को मै ये क्या देख रहा हू ..? क्या मै बदलते इतिहास का साक्षी बनने जा रहा हू..?
हा ये संसद का सेंट्रल हाल ही तो है,सरकार का विषेश अधिवेशन चल रहा है..
ओ हो ये तो श्रद्धांजली सभा चल रही है..
१३ दिसंबर को शहीद हुये लोगो की याद मे...और लो जी मोन समाप्त हुआ .काग्रेस अध्यक्षा सभा को संबोधित कर रही है..ये क्या ये तो १३ दिसंबर को अर्ध सैनिक बलो द्वारा मारे गये लोगो की याद मे चल रही सभा है जी..सभी तो है यहा पर गुलामनबी जी,श्रीमन सच्चर साहब,महेश भट्ट जी ,श्री गिलानी जी ,अफ़लज जी अफ़सा गुरू ..अरे ये तो भारतीय अर्ध सैनिक की ज्यादतियो के खिलाफ़ चल रही सभा है..
ये क्या इन लोगो को भारत रत्न से नवाजा जा रहा है..
जी हा सच्चर साहब कह रहे है कि इन पर हुई भारतीय जांच एजेंसियो और न्यायालय की मानवाधिकार के विरुद्ध हुई ज्यादतियो की इससे थोडी बहुत भरपाई की जा सकतॊ है,लेकिन अभी इन लोगो को न्याय मिलना बाकी है...उनका कहना है की कम से कम इनलोगो को भी भारत सरकार पेंशन दे..और श्री जेठमलानी जी को सरकरी खर्चे पर इन लोगो का वकील नियुक्त किया जाये ताकी वे बाकी लोगो को भी संदेह का लाभ दिला सकेलीजीये इससे द्रवित होकर गुलामनबी जी ने अर्ध सैनिको की कार्यवाही मे मारे गये सभी लोगो के परिवार को बिना किसी भेदभाव के श्रीनगर मे जमीन और सरकारी नौकरी देने का एलान कर दिया है चाहे वह भारत के निवासी हो या पाकिस्तान के .....
लेफ़्ट ने भी बंगाल सरकार के सौजन्य से ऐसे सभी परिवारो को पांच पांच लाख देने की घोषणा कर दी है और साथ मे बंगला देश के निवासियो को अब और सदभावना के साथ आंमत्रित कर सभी सुविधाये प्रदान करने का वायदा भी किया
कपिल सिब्बल जी बता रहे है कि काग्रेस तो शुरु से ही मानवाधिकार की पक्षधर है इसीलिये उसने साउथ की एक राजनीतिक पार्टी जिस पर राजीव जी के हमले मे शामिल होने का काग्रेस को पूरा भरोसा रहा था ,के साथ भी उसने कोई भेदभाव नही किया..
काग्रेस के मुख्य वक्ता सिंघवी जी ने भी बताया कि उनकी पार्टी देश प्रेम के नाम पर बीजेपी की तरह दोमूहा व्यवहार नही करती,आप चाहे तो चौरासी की याद करले वह तो हमेशा से ही इन लोगो के साथ खडी है..लेकिन अगर कोई भी चैनल और अखबार हमेरा इन उदगारो को छापेगा तो वह हमारे विचारो को तोड मरोड कर पेश करने का दोषी होगा..
और अंत मे सरकार मे एक बिल भी पास करने का वादा किया कि आईंदा भविष्य मे किसी भी अर्ध सैनिक या सैनिक बल को किसी भी वयक्ती विषेश के खिलाफ़ कार्यवाही करने का हक नही होगा ..किसी को भी आतंकवादी कहना असंवैधानिक कृत्य घोषित किया जायेगा..और उनके खिलाफ़ कार्य करने की कोशिश करने वाले बल के मुखिया या संवैधानिक प्रमुख को अंतर राष्ट्रीय अपराधी घोषित करके उनके खिलाफ़ यू एन ओ मे मुकदमा चलाये जाने को अग्रसारित किया जायेगा
अरे ये क्या..?मेरा बेटा मुझे हिला हिला कर जगा रहा था. यानी मै सपना देख रहा था वो भी १३ दिसंबर की सुबह सुबह
सुना तो है कि सुबह के सपने सच होते है...पर मेरे खुदा ये सारे देश के कर्णधार चाहे जो भी कोशिश करे ..पर इस सपने को कभी भी सच ना होने देना...

11 लोगों की राय:

संजय बेंगाणी said...

आप तो डराते हो भाई. यह अच्छी बात नहीं है. :)

संजय बेंगाणी said...

आप तो डराते हो भाई. यह अच्छी बात नहीं है. :)

Deepak said...

Bahut achacha likha

mamta said...

बाप रे ऐसा सपना !!

आशुतॊष मासूम said...

सपने मे भी पंगा....साहब मेरी तो देशहित मे गुजारिश है की, आप सपने देखना ही बन्द कर दें, और खास कर सुबह मे :) :).... लेकिन ये हिन्दुस्तान है जहॉ कुछ भी हो सकता है, सपने तो बस वास्तविक्ता से थोडा पहले परिचय करवा देते है, पर मुझे अपने देश के कर्णधारों पर भरोशा है :):)

ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandey said...

चलिये, उठ गये न। अभी इस सीमा तक नहीं पंहुचा है देश पर सम्भावना है कि पंहुच जाये।

पुनीत ओमर said...

ना बाबा हमसे तो नहीं होने वाला ये सब...

भुवन भास्कर said...

अरे दादा, आपने तो हवा ही शंट कर दी अपनी। वैसे तो ये निर्लज्ज देशनिरपेक्ष कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसे सपने का तो सपना भी भीतर तक डरा जाता है।

हर्षवर्धन said...

आपका सपना सच नहीं होगा। वैसे ये कहते हुए आज के निर्लज्ज नेताओं की कारस्तानियों से मैं भी भीतर तक डरा हुआ हूं।

ALOK PURANIK said...

नेशनल स्कूल आफ ड्रामा का सही पता है-
संसद
संसद मार्ग
दिल्ली

Suresh Chiplunkar said...

आपने सपना देखा, लेकिन मेरी तो नींद ही उड़ गई, इसलिए मैंने हंटर चलाना शुरु किया... http://sureshchiplunkar.blogspot.com/2007/12/congrats-secularist-communists.html

चिठ्ठा इतिहास